क्या किसी स्थान पर जाकर आपका मन वहां से भागने का होता है, जानें कारण

Monday, May 15, 2017 9:13 AM
क्या किसी स्थान पर जाकर आपका मन वहां से भागने का होता है, जानें कारण

ब्रह्मांड की सूक्ष्म से सूक्ष्म ऊर्जा हमें प्रभावित अवश्य ही करती है। इसका एक सीधा उदाहरण है। जब आप किसी वास्तुदोष वाले मकान में जाते हैं तो आपका मन विचलित हो उठता है। कुछ ही मिनट में आपको वहां से भागने का मन होता है क्योंकि हमारा अंत: मन ऊर्जा से बना हुआ है। जब-जब दूषित ऊर्जा में हम प्रवेश करेंगे हमें वहां से भागने का मन करेगा और आप किसी भी मंदिर चले जाएं जैसे मुम्बई का सिद्धिविनायक मंदिर वहां जाने के बाद आपको वहां पर ज्यादा देर तक बैठने का मन होता है क्योंकि वहां मंत्रों का संस्कार, घंटानाद, स्तुति त्रिकाल पूजा सतत् शुरू रहती है। वहां शुभ ऊर्जा प्रवाह ज्यादा बहने की वजह से आपका अंत: मन वहां से जाने के लिए तैयार नहीं होता। ये सब सूक्ष्म रूप से बहने वाली ऊर्जा का प्रभाव होता है।


जब भी आप किसी स्थान पर जाते हैं। सूक्ष्म ऊर्जा का निरंतर प्रवाह बना रहता है। यह सब पंचतत्व का खेल है। ये सब वास्तुशास्त्र के अंतर्गत आते हैं। पूजा घर, रसोई और बैडरूम कभी भी एक साथ या एक कमरे में नहीं होना चाहिए यह भी एक वास्तुदोष है। अगर आप निर्माण कार्य कर रहे हैं आपके पास जगह की कमी नहीं है तो इन सब को वास्तु के अनुसार अलग-अलग बनवाएं अन्यथा सुखद परिणाम प्राप्त नहीं होते हैं।


सीढ़ी के नीचे रसोई बनाना बड़ा वास्तु दोष है। इससे बचें, अन्यथा घर में बड़ी बीमारी आनी शुरू होती है और स्त्री के सेहत में बड़े नुक्सान की संभावनाएं ज्यादा होती हैं। इसलिए सीढिय़ों के नीचे रसोई न बनाएं।




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