होलिका दहन आज: शुभ-लाभ के लिए मंगलसूचक समय में इस विधि से करें पूजन

Saturday, March 11, 2017 9:12 AM
होलिका दहन आज: शुभ-लाभ के लिए मंगलसूचक समय में इस विधि से करें पूजन

सनातन पंचांग के आधार पर आज 12 मार्च होलिका दहन का शुभ मुहूर्त है और 13 मार्च को रंगवाली होली यानि धुलण्डी मनाई जाएगी। ज्योतिष विद्वानों के अनुसार शाम 6 बजकर 30 मिनट से 8 बजकर 35 मिनट तक का  समय मंगलसूचक है। भद्रा का मुख शाम 5 बजकर 35 मिनट से लेकर 7 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। भद्रा में अनेक काम और अनेक पर्व मनाना वर्जित कहे गए हैं। जैसे की रक्षा बंधन पर्व में भाद्र काल में बहनों को भाइयों की कलाई में राखियां बांधना वर्जित कहा गया है। श्रावण मास की पूर्णिमा पर श्रावणी (उपाकर्म) शुभ कार्य भद्राकाल में करने का पूर्ण निषेध बताया गया है। फाल्गुन मास की पूर्णमासी को अर्थात होलिका-दहन पर्व को भी भद्रा के दोष काल में मनाने का ज्योतिषीय दृष्टिकोण से पूर्ण निषेध रहता है। 11 मार्च की संध्या 8:23 से पूर्णिमा तिथि का आरंभ हो जाएगा, जिसका विश्राम होलिका दहन के समाप्ति समय 8: 23 पर होगा। 


होलिका दहन जिस स्थान पर करना है, उसे अच्छे से साफ करें। फिर वहां गंगा जल झिड़क कर उसे शुद्ध करें। सूखी लकड़ियों का ढेर बनाएं। अग्नि समर्पित करने से पूर्व होलिका का विधिवत पूजन करें। विद्वानों के अनुसार पूजन करते वक्त पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठना चाहिए। ये पूजन किसी पण्डित से करवाना श्रेयस्कर रहता है।


होलिका पूजन सामग्री में गोबर से निर्मित होलिका और प्रहलाद के लक्षण की तरह प्रयोग में आने वाला स्वरूप, फूलों की माला, रोली, गंध, पुष्प, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे, गुलाल, नारियल, पांच या सात प्रकार के अनाज, नई गेहूं और अन्य फसलों की बालियां और साथ में एक लोटा जल रखना चाहिए। इसके अतिरिक्त बड़ी-फूलौरी, मीठे पकवान, मिठाईयां, फल आदि भी अर्पित किए जा सकते हैं। होलिका के चारों ओर सात परिक्रमा करें।



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