चाणक्य नीति- इस तरह के लोगों के पास रहने से बढ़ते हैं रोजगार प्राप्ति के मौके

Thursday, February 1, 2018 6:30 PM
चाणक्य नीति- इस तरह के लोगों के पास रहने से बढ़ते हैं रोजगार प्राप्ति के मौके

आचार्य चाणक्य नें अपनी नीतियों से व्यक्ति की हर मुश्किल को आसान करने का प्रयास किया है। इनकी मीति में व्यक्ति से संबंधित बगत कुछ बताया है, जिससे मानव का सुखमय हो सके। तो आईए जानें चाणक्य नीति के बारें में जिसमें उन्होंने बताया है कि हमें कैसे स्थान पर अपना निवास, घर बनाना चाहिए। इस संबंध में आचार्य चाणक्य ने 5 बातें बताई हैं। जिस स्थान पर ये बातें उपलब्ध हों, वहां रहना सर्वश्रेष्ठ है।

श्लोक-
धनिक: श्रोत्रियो राजा नदी वैद्यस्तु पंचम:।
पंच यत्र न विद्यन्ते तत्र दिवसं वसेत्।।


जहां कोई धनी रहता हो
आचार्य चाणक्य ने रहने योग्य प्रथम स्थान वह बताया है जहां कोई धनी रहता हो, क्योंकि जिस स्थान कोई धनी हो, वहां व्यवसाय में बढ़ौतरी होती है। धनी व्यक्ति के आसपास रहने वाले लोगों को भी रोजगार प्राप्त होने की संभावनाएं रहती है।


जहां कोई ज्ञानी रहता हो
आचार्य चाणक्य ने रहने योग्य दूसरा स्थान वह बताया है जहां कोई ज्ञानी रहता हो, क्योंकि जिस स्थान पर कोई ज्ञानी, वेद जानने वाला व्यक्ति हो, वहां रहने से धर्म लाभ प्राप्त होता है। हमारा ध्यान पाप की ओर नहीं बढ़ता है।


जहां कोई शासकीय अधिकारी रहता हो
आचार्य चाणक्य ने रहने योग्य तीसरा स्थान वह बताया है जहां कोई शासकीय अधिकारी रहता हो, क्योंकि जहां राजा या शासकीय व्यवस्था से संबंधित व्यक्ति रहता है, वहां रहने से हमें सभी शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त होता है।


चौथा स्थान वह जहां नदी बहती हो
आचार्य चाणक्य ने रहने योग्य चौथा स्थान वह बताया है जहां आस-पास कोई नदी  बहती हो, क्योंकि जिस स्थान पर नदी बहती हो, जहां पानी प्रचूर मात्रा में वहां रहने से हमें समस्त प्राकृतिक वस्तुएं और लाभ प्राप्त होते हैं।


जहां वैद्य रहता हो
आचार्य चाणक्य ने रहने योग्य पांचवा स्थान वह बताया है जहाँ कोई वैद्य रहता हो, क्योंकि जिस स्थान पर वैद्य हो, वहां रहने से हमें बीमारियों से तुरंत मुक्ति मिल जाती है।

अत: आचार्य चाणक्य द्वारा बताई गई ये पांच बातें जहां हो, वहां रहना ही लाभकारी रहता है।



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