जयकारों की गूंज के साथ हुआ हेमकुंट साहिब यात्रा का आरंभ, खुल गए कपाट

Thursday, May 25, 2017 10:31 AM
जयकारों की गूंज के साथ हुआ हेमकुंट साहिब यात्रा का आरंभ, खुल गए कपाट

आज सिखों के धार्मिक स्थल हेमकुंड साहिब के कपाट खुलेंगे और इसके लिए गोविंदघाट से यात्रियों का पहला जत्था कल रवाना हो गया था। राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने हरी झंडी दिखाकर जत्थे को रवाना किया। श्री हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ आज खोल दिए जाएंगे। कल सुबह गोविंदघाट गुरुद्वारे में अरदास और शब्द कीर्तन का आयोजन किया गया। इस दौरान दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों से आए यात्री उपस्थित थे। सुबह करीब साढ़े दस बजे पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने यात्रियों के पहले जत्थे को रवाना किया। इस जत्थे में करीब ढाई हजार श्रद्धालु शामिल हैं। 


इसके साथ ही हेमकुंड यात्री की विधिवत शुरुआत हो गई है। यह जत्था घांघरिया में विश्राम करेगा। आज हेमकुंड गुरुद्वारा के कपाट खुलने के साथ इस जत्थे में शामिल यात्री पहली अरदास में भाग लेंगे। गुरुद्वारा प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि यात्रियों में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के लोग शामिल हैं। श्री हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर दुकानें सज चुकी हैं। पुलना से लेकर हेमकुंड तक रास्ते में जगह-जगह दुकानें खोली गई हैं। घोड़ा-खच्चर और डंडी-कंडी व्यवसायी मंगलवार से ही यात्रियों को घांघरिया ले जाने में जुट गए हैं। 


गोविंदघाट में यात्रियों को गुरुद्वारे के अलावा अन्य निजी होटलों में ठहराया गया है।  जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि घोड़ों की लीद से पैदल मार्ग पर गंदगी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से घोड़ों पर थैले लगाए जा रहे हैं। ताकि लीद को एकत्रित कर नष्ट किया जा सके। श्री हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर दो हजार से अधिक घोड़ा-खच्चर संचालित होते हैं जबकि तीन हजार से अधिक मजदूर भी यहां रोजगार करते हैं। हेमकुंड यात्रा मार्ग पर गोविंदघाट से आगे बिना बायोमैट्रिक पंजीकरण के यात्रियों को नहीं जाने दिया जाएगा। गोविंदघाट में भी बायोमैट्रिक सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। गोविंदघाट में यात्रियों की रुटीन जांच हो सकती है।



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