बुधवार के दिन करें ये उपाय, आर्थिक तंगी व ग्रह दोष होंगे शांत

Wednesday, February 22, 2017 12:20 PM
बुधवार के दिन करें ये उपाय, आर्थिक तंगी व ग्रह दोष होंगे शांत

सभी देवों में सर्वप्रथम श्रीगणेश जी की पूजा की जाती है। बुधवार के दिन गणेश पूजा का विधान है। इस दिन भगवान गणेश की सच्चे मन से पूजा करने से संपूर्ण मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसके साथ ही ग्रह दोष भी शांत होते हैं। बुधवार के दिन कुछ सरल उपाय करने से व्यक्ति की बाधा, संकट, रोग, अौर दरिद्रता का नाश होता है। जानिए, भगवान गणेश जी को प्रसन्न करने के उपाय-

 

बुधवार के दिन सुबह उठकर स्नानादि कार्यों से निवृत होकर गणेश जी के मंदिर में जाकर दूर्वा की 11 या 21 गांठ अर्पित करें। इससे शीघ्र शुभ फल की प्राप्ति होगी।

 

अथक प्रयास के बाद भी कार्यों में असफलता मिल रही हो तो बुधवार के दिन श्रीगणेश के इस मंत्र का विधि-विधान से जाप करें। ऐसा करने से व्यक्ति को संपूर्ण कष्टों से मुक्ति मिलेगी। 

 

मंत्र: त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय। नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम्।

 

यदि अधिक मेहनत करने के बाद भी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़े तो बुधवार के दिन श्री गणेश की विधिवत पूजा करने के बाद गुड़ अौर घी का भोग लगाएं। थोड़ी देर के बाद ये भोग गाय को खिला दें। इससे व्यक्ति को विशेष फल की प्राप्ति होगी। 

 

बुधवार के दिन घर में श्रीगणेश की सफेद रंग की प्रतिमा स्थापित करें। इससे घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा का नाश होगा। घर में कभी भी ऊपरी शक्तियों का साया नहीं रहेगा।

 

घर में सदैव कलह होने से परिवार में सुख-शांति नहीं रहती। इसके लिए बुधवार को दूर्वा से निर्मित प्रतिकात्मक प्रतिमा बनवाकर उसे घर के पूजा स्थल में स्थापित करें। उसके बाद प्रतिदिन उनका विधि-विधान से पूजन करें। 

 

बुधवार के दिन गाय को हरी घास खिलाएं। ऐसा करने से सभी देवी-देवताअों की कृपा सदैव बनी रहती है। 

 

हनुमानजी के साथ श्रीगणेश जी का सिंदूर से श्रृंगार किया जाता है। श्रीगणेश जी को सिंदूर अर्पित करने से सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है। 

 

बुधवार को किसी गरीब या मंदिर में जाकर हरे मूंग दान करें। इससे बुध ग्रह शांत हो जाएगा। 

 

बुधवार के दिन गणेश जी को शमी के पत्ते अर्पित करें। ऐसा करने से तीक्ष्ण बुद्धि होती है। इसके साथ ही कलह का नाश होता है अौर मानसिक शांति मिलती है। शमी के पत्ते अर्पित करते समय इस मंत्र का जाप करें। इससे गणेश जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं। 

 

त्वत्प्रियाणि सुपुष्पाणि कोमलानि शुभानि वै।
शमी दलानि हेरम्ब गृहाण गणनायक।।




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