बर्बादी से बचने के लिए ध्यान रखें आचार्य चाणक्य की ये बातें

Friday, March 10, 2017 10:47 AM
बर्बादी से बचने के लिए ध्यान रखें आचार्य चाणक्य की ये बातें

चाणक्य महान विद्वानों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ स्थान रखते हैं। उन्होंने मौर्य साम्राज्य की स्थापना करके अखण्ड भारत का निर्माण किया था। ये अपनी कूटनीति के लिए प्रसिद्ध थे। उनकी नीतियों में आदर्श व यथार्थ की बातें कही गई हैं। चाणक्य ने कुछ ऐसी नीतियों का उल्लेख किया है, जिन पर अमल करना व्यक्ति के लिए फायदेमंद होता है। 

अपनी राज की बातें कभी भी किसी को नहीं बतानी चाहिए। ये आदत व्यक्ति को बर्बाद कर सकती है। 

पराए घर में रहना सबसे कष्टदायक होता है। 

बीता समय वापस नहीं आता। यदि कोई गलत कार्य हो गया है तो व्यक्ति को उसकी चिंता न करके वर्तमान को सुधारकर भविष्य को संवारना चाहिए। 

ऐसा धन जो अधिक कष्टों, अपना धर्म-ईमान बेचकर या दुश्मनों की चापलूसी से मिलता है। ऐसा धन स्वीकार नहीं करना चाहिए। 

सांप जहरीला नहीं है तब भी वह फुंफकारना नहीं छोड़ता। इसी प्रकार व्यक्ति कमजोर हो तो उसे स्वयं को ताकतवर दिखाना चाहिए। 

हर मित्रता के पीछे कुछ स्वार्थ अवश्य छिपा होता है। संसार में ऐसा कोई मित्रता नहीं जिसके पीछे स्वार्थ न हो। यह एक कटु सत्य है। 

व्यक्ति को अधिक ईमानदार नहीं होना चाहिए। जंगल में सीधे तने वाले वृक्ष सबसे पहले काटे जाते हैं। उसी प्रकार ज्यादा ईमानदार व्यक्ति को सबसे अधिक कष्ट उठाने पड़ते हैं। 

सगे-संबंधियों की पहचान दु:ख अौर जीवन साथी की परख धन नष्ट के समय होती है। 

भय से भयभीत नहीं होना चाहिए। जब भी भय करीब आए उस पर आक्रमण कर दें। 

भगवान प्रतिमाअों में नहीं है। व्यक्ति की अनुभूति ही उसका ईश्वर है अौर आत्मा मंदिर है।




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