चाणक्य नीति: देश के सम्मान की खातिर राजा से कदापि न करें ऐसा व्यवहार

Tuesday, February 28, 2017 4:58 PM
चाणक्य नीति: देश के सम्मान की खातिर राजा से कदापि न करें ऐसा व्यवहार

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में जीवन के गूढ़ रहस्य बताएं हैं। चाणक्य एक बड़े दूरदर्शी विद्वान थे। उनके जैसा बुद्धिमान, रणनीतिज्ञ, चरित्रवान व राष्ट्रहित के प्रति समर्पित भाव वाले व्यक्ति भारत के इतिहास में ढूंढने से भी बहुत कम मिलते हैं।  आचार्य चाणक्य की नीतियों पर अमल करके परेशानियों से बचा जा सकता है। चाणक्य के अनुसार राजा की अवहेलना कदापि नहीं करनी चाहिए।

 

दुर्बलोऽपि राजा नावमन्तव्य:।

 

भावार्थ: राजा भले ही दुर्बल हो, पर वह पूरे देश का नेता होता है। उसका अपमान पूरे देश का अपमान माना जाता है इसलिए उसकी आज्ञा को स्वीकार कर लेना उचित होता है।



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