चाणक्य नीति:जीवन में न करें ये काम,बन सकते हैं नरक के भागी

Friday, February 3, 2017 9:30 AM
चाणक्य नीति:जीवन में न करें ये काम,बन सकते हैं नरक के भागी

राजनीति अौर अर्थशास्त्र के पितामाह आचार्य चाणक्य ने जीवन से संबंधित बहुत सारी नीतियां बनाई हैं। जिन पर अमल करने से व्यक्ति खुशहाल जीवन यापन कर सकता है। चाणक्य ने एक श्लोक के माध्यम से नरक में जाने वाले लोगों के लक्षण के बारे में बताया है। 

अत्यंतकोप: कटुका च वाणी दरिद्रता च स्वजनेषु वैरम्।
नीचप्रसंग: कुलहीन सेवा चिह्ननानि देहे नरक स्थितानाम।।

 

आचार्य चाणक्य के अनुसार जो लोग अधिक क्रोध करते हैं उन्हें नरक का सामना करना पड़ता है। इस प्रकार के लोग गुस्से में आकर गलत काम कर बैठते हैं, जिसके कारण उन्हें नरक की यातनाएं झेलनी पड़ती है। 

 

जो लोग दूसरों को कड़वे वचन बोलते हैं। लोगों को अपनी बातों से दुख देते हैं, वे नरक में जाते हैं। कड़वे वचन बोलने वालों को भी चाणक्य ने नरक में रहने वाला बताया है। 

 

चाणक्य के अनुसार जो लोगो अपने प्रियजनों से वैर रखते हैं उन्हें नरक का सामना करना पड़ता है। चाणक्य ने ऐसी भावना रखने वालों को भी नरक के भागी बताया है।

 

जो लोग नीच लोगों की संगति करते हैं। उनके साथ उठते बैठते हैं चाणक्य ने उन्हें भी नरक का भागी बताया है। जो लोग नीच लोगों के कुल की सेवा-चाकरी करते हैं इसे भी चाणक्य ने नरक में रहने का लक्षण बताया है।   


 



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