अफसरों के साथ ड्यूटी करने वाले जवानों के नहीं होते तबादले

Wednesday, February 14, 2018 8:53 AM
अफसरों के साथ ड्यूटी करने वाले जवानों के नहीं होते तबादले

चंडीगढ़(सुशील) : डी.जी.पी. से लेकर एस.पी. तक के अधिकारियों के स्टाफ में तैनात पुलिसकर्मी कई सालों से हैडक्वार्टर में ड्यूटी कर रहे हैं। इन पुलिसकर्मियों के तबादले करने की किसी में हिम्मत नहीं होती है। अगर इन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बदली जाएगी तो साहब नाराज हो जाएंगे। 

 

थानों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने हैडक्वार्टर में कई सालों से ड्यूटी देने वाले पुलिसकर्मियों के तबादले करने को लेकर डी.जी.पी., डी.आई.जी., एस.एस.पी., एस.एस.पी. ट्रैफिक और एस.पी. ऑपरेशन को लेटर लिखा है। यह लेटर व्हाट्सअप पर आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है। 

 

लेटर में पुलिसकर्मियों ने डी.जी.पी. से पूछा है कि हैडक्वार्टर में तैनात पुलिसकर्मियों पर क्या ट्रांसफर के नियम लागू नहीं होते हैं। इन पुलिसकर्मियों के तबादले पुलिस थानों में क्यों नहीं किए जाते। 

 

रीडर अवतार सिंह 1984 से पुलिस हैडक्वार्टर में हैं तैनात :
पुलिस स्टेशन में तैनात मुलाजिमों ने डी.जी.पी. से कहा कि उनके स्टाफ में तैनात रीडर इंस्पैक्टर अवतार सिंह 1984 से पुलिस हैडक्वार्टर में तैनात हैं। उनकी ट्रांसफर हैडक्वार्टर से बाहर कभी नहीं हुई है। उन्होंने थानों में कभी ड्यूटी नहीं की है। कई सालों से वे एक ही सीट पर ड्यूटी दे रहे हैं। 

 

हैड कांस्टेबल उत्तम की ट्रांसफर डी.आई.जी. ऑफिस से डी.जी.पी. ऑफिस कर दी गई। इसके अलावा डी.जी.पी. ऑफिस में तैनात लेडी कांस्टेबल शिवा ट्रेनिंग करने के बाद हैडक्वार्टर में ही ड्यूटी दे रही हैं। यहीं नहीं डी.आई.जी. ऑफिस का स्टाफ सिक्योरिटी विंग में बदलकर वापस हैडक्वार्टर में बदल दिया जाता है। इनमें हैड कांस्टेबल राजेंद्र, कांस्टेबल अमित और रीडर राम शामिल हैं। 

 

एस.एस.पी. ट्रैफिक विंग में भी सालों से डटे हैं जवान :
एस.एस.पी. ट्रैफिक विंग में 12-12 सालों से पुलिस जवान ड्यूटी दे रहे हैं। जिनमें सीनियर कांस्टेबल सुनील, कांस्टेबल मंजीत, कांस्टेबल वीर सिंह, कांस्टेबल अश्वनी और रीडर रामकुष्ण शामिल हैं। एस.एस.पी. यू.टी. के स्टाफ में हैड कांस्टेबल परमजीत कौर  उसी सीट पर रहकर इंटर कोर्स कर चुकी हैं, उक्त लोग क्या हैडक्क्वार्टर में ड्यूटी देने के लिए भर्ती हो रखे हैं। 

 

पुलिस मुलाजिमों ने आरोप लगाया कि हैड कांस्टेबल रामचंद मुलाजिमों से पगार करवाकर डिपार्टमैंट इंक्वारी ठीक करवाता है। इसके अलावा एस.पी. ऑपरेशन के स्टाफ में हैड कांस्टेबल रंजीत काफी सालों से तैनात हैं। रीडर ए.एस.आई. सुखदर्शन सिंह, डी.एस.पी. हैडक्वर्टर का रीडर सुभाष और हैड कांस्टेबल मनीष काफी सालों से हैडक्वार्टर में ड्यूटी कर रहे हैं। 



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