सुखना लेक स्कैच आर्टिस्ट्स को कोर्ट से राहत, लेकिन यह है शर्त

Friday, May 19, 2017 8:00 PM
सुखना लेक स्कैच आर्टिस्ट्स को कोर्ट से राहत, लेकिन यह है शर्त

चंडीगढ़ (संदीप): सुखना लेक सिटी ब्यूटीफुल की शान माना जाता है। लोग यहां आकर सकून के पल बिताते हैं। यहां आने वाले पर्यटक अपना लाइव स्कैच बना यादगार के तौर पर अपने साथ ले जाते हैं। लेकिन बीते कुछ दिनों के यहां बैठने वाले स्कैच आर्टिस्टों को काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। मामला कोर्ट पहुंचा। 
पिछले कई सालों से सुखना लेक पर बैठने वाले लाइव स्कैच आर्टिस्ट्ïस को जिला अदालत से कुछ राहत मिली है। मामले में सुनवाई के दौरान अदालत ने सिटको एम.डी. को आदेश दिए हैं कि सुखना पर नए आर्टिस्ट्स को लाइसैंस/कांट्रैक्ट देने से पहले एक्सपीरियंस के आधार पर पहले इन 5 पुराने आर्टिस्ट को प्राथमिकता देनी होगी। अदालत के आदेश के तहत स्कैच आर्टिस्ट्स की चयन प्रक्रिया में उन्हें उनके काम अनुभव के आधार पर प्रेपरैंस दिया जाए। इसके लिए अगर सिटको को सीटें भी बढ़ानी पड़े तो वह उसे बढ़ा सकता है। 

सिटको की ओर से सालाना लाइसैंस/कांट्रैक्ट जारी न करने पर पांचों आॢटस्ट्स ने अदालत की शरण ली थी। याचिकाकत्र्ताओं के वकील के अनुसार अदालत के आदेश से स्कैच आर्टिस्ट को फिलहाल तो राहत मिल गई है। इससे पहले सूर्यभान, सुरेश कुमार समेत पांच आर्टिस्ट्स की ओर से अदालत में दायर केस में कहा गया था कि सुखना लेक पर लाइव स्कैच बनाने वाले आर्टिस्ट पिछले 15 से 20 वर्षों से बैठते हैं। इसके लिए वह बकायदा सालाना फीस भी सिटको को देते हैं। इस साल सिटको उन्हें लाइसैंस रिन्यू नहीं कर रही है। इस बारे में प्रबंधन से पता करने पर मालूम हुआ कि उन्हें हटाया जा रहा है। अब वहां केवल डिप्लोमाधारी आर्टिस्ट ही बैठेंगे। बिना डिप्लोमा वालों को अब वहां बैठने नहीं दिया जाएगा। याचिकाकत्र्ताओं का कहना था कि अब इस उम्र में वह डिप्लोमा कहां से लाए। वैसे भी जिनके पास डिप्लोमा होगा, उनके पास इस काम का अनुभव नहीं। उनका कहना है कि वह नए आर्टिस्ट्स के आने का विरोध नहीं करते लेकिन उन्हें वहां से न हटाया जाए। 



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