हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, दो महीने में हटानी होगी सैक्टर-17 से वायलेशंस

Saturday, May 20, 2017 8:09 AM
हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, दो महीने में हटानी होगी सैक्टर-17 से वायलेशंस

चंडीगढ़(बृजेन्द्र) : हाईकोर्ट ने सैक्टर-17 की दुकानों में वायलेशन हटाने के लिए ऑक्यूपायर्स/टेनैंट्स को दो महीने की समय सीमा देते हुए यू.टी. एस्टेट ऑफिसर के समक्ष इस संबंध में पालना कर एफिडैविट फाइल करने को कहा है। एस्टेट ऑफिस को हाईकोर्ट ने रिपोर्ट सौंपने से पहले ताजा निरीक्षण करने को कहा है। सैक्टर-17 के एक बुक हाऊस की तरफ से प्रशासन व अन्यों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर डिवीजन बैंच ने ये आदेश दिए हैं। 

 

यू.टी. के सीनियर स्टैंडिंग काऊंसिल सुवीर सहगल ने बैंच के समक्ष असिस्टैंट ऑफिसर की दी स्टेटस रिपोर्ट पेश की। जो शॉप्स के निरीक्षण के बाद तैयार की गई थी। रिपोर्ट ने याची-ऑक्यूपायर्स/टेनैंट्स ने बिल्डिंग वायलेशंस की उल्लंघना की ओर इंगित किया है। हाईकोर्ट ने कहा कि ऑक्यूपायर्स पर बिल्डिंग वायलेशंस जारी रखने को लेकर पैनल्टी केस की अगली सुनवाई पर निर्धारित की जाएगी। ऑक्यूपायर्स/टेनैंट्स को ऑरिजनल रिवाइज्ड बिल्डिंग प्लान का निरीक्षण करने की मंजूरी दी जाएगी, जिसे एस्टेट ऑफिसर ने स्वीकृत किया है। वह अपने खर्चे पर इसकी कॉपी ले सकते हैं। 

 

हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर ग्राऊंड फ्लौर पर शॉप्स पर एस्टेट ऑफिस की सील को हटाने के आदेश दिए थे। बैंच ने असिस्टैंट एस्टेट ऑफिसर को भी आदेश देते हुए ऑक्यूपायर्स को नॉन-कम्पाऊंडेबल वायलेशंस को हटाने के संबंध में जानकारी देने को कहा था। याचिका में मंसूर अली ने आरोप लगाया था कि प्रॉपर्टी डीलर/बिल्डर्स यू.टी. प्रशासन के कर्मियों से मिलीभगत है और एस्टेट ऑफिस से आर्डर पास करवाते हैं। ऐसे में कानून को मानने वाला किराएदार को एकदम से पब्लिक प्रीमाइसिस इविक्शन ऑफ एक्ट, 1971 के प्रावधानों की पालना किए बिना निकाल दिया जाता है। 



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