प्रॉपर्टी की डिजीटाइजेशन का काम शुरू, दो महीने में पूरा होगा प्रोजैक्ट

Tuesday, November 14, 2017 8:30 PM
प्रॉपर्टी की डिजीटाइजेशन का काम शुरू, दो महीने में पूरा होगा प्रोजैक्ट

चंडीगढ़, (विजय गौड़) : चंडीगढ़ प्रशासन ने ज्योग्राफिक इंफॉर्मेंशन सिस्टम (जी.आई.एस.) के जरिए प्रॉपर्टी की मैपिंग का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए प्रशासन की ओर से लाइट डिटैक्शन एंड रैंजिंग (एल.आई.डी.ए.आर.) टैक्नीक को अपनाया गया है। जानकारी के अनुसार आने वाले दो महीने के भीतर प्रॉपर्टी और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर की मैपिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। यह प्रोजैक्ट केंद्र सरकार का है। इसकी मदद से प्रशासन के पास प्रॉपर्टी का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन मिल पाएगा। इस प्रोजैक्ट के तहत प्रशासन द्वारा शहर की सभी रेजीडैंशियल, कमर्शियल, एजूकेशनल, हैल्थ सर्विस, इंडस्ट्रीयल, स्टेट गवर्नमैंट, सैंट्रल गवर्नमैंट सहित अन्य अहम इमारतों की जी.आई.एस. मैपिंग की जाएगी। यही नहीं, लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए वाटर ट्रीटमैंट प्लांट, सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट पम्पिंग स्टेशंस और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की भी मैपिंग होगी। यही नहीं, ईको सैंसेटिव जोन के दायरे को भी इस मैपिंग के जरिए आसानी से देखा जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार मैपिंग सिस्टम से शहर की प्लानिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

63 सैक्टर्स और 22 गांव होंगे शामिल
इस प्रोजैक्ट के तहत पूरे शहर को शामिल किया जाएगा। इसमें 63 सैक्टर्स और 22 गांव के साथ मनीमाजरा का एरिया भी शामिल होगा। इस पूरे एरिया के एरियल लिडार और एरियल फोटोग्राफ्स कैप्चर किए जाएंगे। शहर की लगभग 1500 किलोमीटर की सड़क का डाटा जुटाने के लिए मोबाइल लिडार और पैनारेमिक इमेजिस का सहारा लिया जाएगा। हालांकि इस प्रोजैक्ट में किसी भी डिफैंस एरिया को कवर नहीं किया जाएगा।

इस तरह होगा प्रोजैक्ट
- शुरुआती डाटा एरियल लिडार से जुटाया जाएगा। इसके साथ ही आर.जी.बी. चैनल्स की मदद से मीडियम फॉरमेट की फोटोग्राफ्स ली जाएंगी।
- इसके बाद मोबाइल लिडार डाटा की मदद से पैनोरेमिक फोटोग्राफ्स ली जाएंगी।
- कंपनी द्वारा इस प्रोजैक्ट के लिए इंटरनैशनल लेवल का सिस्टम इस्तेमाल किया जाएगा
- हरेक 10 मीटर के गैप में एक फोटो होगी।



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