सुप्रीम कोर्ट का आदेश, जेपी एसोसिएट्स के निदेशक निजी तौर पर हों पेश

Tuesday, November 14, 2017 12:57 PM
सुप्रीम कोर्ट का आदेश, जेपी एसोसिएट्स के निदेशक निजी तौर पर हों पेश

नई दिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने जयप्रकाश एसोसिएट लिमिटेड के गैर संस्थागत निदेशकों को 22 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और अपनी निजी संपत्तितयों का विवरण सौंपने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने जेपी इंफ्राटेक को 11 सितंबर को दिए गए निर्देश के आलोक में नया निर्देश दिया। सितंबर में न्यायालय ने जेपी इंफ्राटेक को 27 अक्तूबर को उसकी रजिस्ट्री में दो हजार करोड रूपए जमा कराने का आदेश दिया था। न्यायालय ने बाद में छह नवंबर को इस कंपनी को पहले के 2000 करोड रूपए जमा करने के आदेश के स्थान पर रजिस्ट्री में चार सौ करोड रूपए जमा कराने की अनुमति देने से इंकार कर दिया था।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा,न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने आज इन निदेशकों को 22 नवंबर को न्यायालय में पेश होने का निर्देश देने के साथ ही अधिवक्ता पवन श्री अग्रवाल को इस मामले मे न्याय मित्र नियुक्त कर दिया और एक वेबपोर्टल शुरू करने का आदेश दिया ताकि जेपी इंफ्राटेक के मकान खरीददार अपनी शिकायतें और समस्याएं वहां दर्ज करा सकें। जयप्रकाश ऐसासिएट लि के वकील  ने न्यायालय को सूचित किया कि कंपनी सात सौ करोड रूपए जमा कराने के लिये तैयार है। आई.सी.आई.सी.आई. बैंक के वकील ने जेपी समूह के इस बयान का विरोध करते हुए कहा कि कंपनी के श्रृण पुनर्गठन की प्रक्रिया चल रही है और ऐसी स्थिति में धन उपलब्ध कराना संभव नहीं होगा। इसी बैंक के साथ समूह के खाता है। पीठ ने फर्म से कहा कि वह आज ही रजिस्ट्री में एक हजार करोड रूपए जमा कराने पर विचार करे।

न्यायालय पहले ही जेपी इंफ्राटेक के प्रबंधक निदेशक और निदेशकों को पूर्वानुमति के बगैर विदेश जाने पर रोक लगा चुका है और उसने मूल कंपनी जेपी एसोसिएट से कहा था कि वह यह धन जमा कराए। शीर्ष अदालत ने जेपी इंफ्राटेक को यह भी निर्देश दिया था कि वह 32000 से ज्याद परेशान हाल मकान खरीददारों और कर्जदारों के हितों की रक्षा के लिए योजना का मर्सादा करने हेतु सारा रिकार्ड इंसाल्वेन्सी रेज्यूलूशन प्रफोशेनल को सारा रिकार्ड सौंप दे।



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