HC ने रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ वसूली कार्यवाही पर लगाई रोक

Monday, June 12, 2017 11:50 AM
HC ने रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ वसूली कार्यवाही पर लगाई रोक

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक कंपनी को तीन करोड़ रुपए से अधिक का ऋण चुकाने में कथित नाकामी पर एक रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ वसूली कार्यवाही पर रोक लगाई। न्यायमूर्ति जयंत नाथ ने पक्षों के बीच विवाद निपटारे के लिए एक सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश को मध्यस्थ नियुक्त किया।
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3 मासिक किस्तों में चुकाना होगा लोन
अदालत ने कहा कि मध्यस्थ दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केन्द्र के तत्वाधान में काम करेंगे और मध्यस्थता कार्यवाही के दौरान वसूली कार्यवाही पर रोक रहेगी।अदालत ने कहा कि रियल एस्टेट डेवलपर मैसर्स प्रोटो डेवलपर्स एंड टेक्नोलाजीज लिमिटेड के निदेशक ऋण देने वाली दीवान हाउसिंग फाइनेंस कारपोरेशन लिमिटेड (डी.एच.एफ.एल.) को 50 लाख रुपए तीन मासिक किस्तों में देंगे।
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DHFL की याचिका पर आया आदेश
वसूली कार्यवाही में बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाएं ऋण वसूल करने के लिए आवासीय या वाणिज्यिक संपत्तियों की नीलामी कर सकती हैं। अदालत का आदेश डी.एच.एफ.एल. की याचिका पर आया जिसमें रियल एस्टेट डेवलपर के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाने के मध्यस्थ के 29 जनवरी के आदेश को निरस्त करने का अनुरोध किया गया था।




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