सरकारी बैंकों की संख्या घटा सकती है सरकार, ये बन रही योजना

Sunday, July 16, 2017 7:20 PM
सरकारी बैंकों की संख्या घटा सकती है सरकार, ये बन रही योजना

नई दिल्ली: केन्द्र सरकार पब्लिक सैक्टर बैंक की संख्या घटाकर 12 तक सीमित करने पर विचार कर रही है। सरकार इससे जुड़े एक एजैंडे पर काम कर रही है। इस एजैंडे के मुताबिक सरकार पब्लिक सैक्टर बैंक की संख्या घटाने के साथ ही 3-4 ग्लोबल लैवल के बैंक तैयार करने की योजना बना रही है।

ग्लोबल लैवल के बनेंगे 3 से 4 बैंक
एक अधिकारी ने बताया कि 21 पब्लिक सैक्टर बैंकों को मध्य अवधि में 10 से 12 में समेट दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि थ्री-टायर स्ट्रक्चर के हिसाब से 3 से 4 ऐसे बैंक बनाए जाएंगे जो भारतीय स्टेट बैंक जितने बड़े होंगे। उस अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि क्षेत्र संबंधी बैंक जैसे कि पंजाब और सिंध बैंक व आंध्रा बैंक स्वतंत्र बैंक के तौर पर काम करते रहेंगे। इसके अलावा कुछ मिड-लैंडर्स भी अपने ऑप्रेशन चलाते रहेंगे।

सरकार कर रही तेजी से काम
पिछले महीने वित्त मंत्री अरुण जेतली ने कहा था कि सरकार सरकारी बैंकों के मर्जर को लेकर तेजी से काम कर रही है। हालांकि उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी देने से इंकार कर दिया। एस.बी.आई. मर्जर से उत्साहित वित्त मंत्रालय ऐसा ही दूसरा प्रोपोजल क्लीयर करने पर विचार कर रहा है। हालांकि यह तब ही होने की उम्मीद है जब बैड लोन की स्थिति नियंत्रण में आ जाती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आर.बी.आई.) के मुताबिक व्यवस्था में कुछ बड़े बैंक, कुछ छोटे और कुछ स्थानीय बैंक रहेंगे। उन्होंने कहा था कि सिस्टम में वैरायटी की जरूरत है।

पी.एन.बी. सहित अन्य बैंक बढ़ सकते हैं मर्जर की ओर
एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि एक संभावना यह भी है कि पंजाब नैशनल बैंक (पी.एन.बी.), बैंक ऑफ  बड़ौदा, केनरा बैंक और बैंक ऑफ  इंडिया अधिग्रहण के लिए संभावित प्लेयर की खोज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए ये बैंक रीजनल संतुलन, भौगोलिक पहुंच और वित्तीय दबाव व आसानी से मानव संसाधन तक पहुंच भी देखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कमजोर बैंक को मजबूत बैंकों के साथ मर्ज नहीं किया जाना चाहिए। 




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