फल, सब्जियों के निर्यात में गिरावट, 15 प्रतिशत की आई कमी

Monday, January 29, 2018 10:34 AM
फल, सब्जियों के निर्यात में गिरावट, 15 प्रतिशत की आई कमी

नई दिल्ली : अप्रैल-नवम्बर 2017 के मुनाफे के आधार पर गेहूं और दलहन के निर्यात से अलग ताजा फल और सब्जियों की कीमतों में 15 प्रतिशत की कमी आई है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (ए.पी.ई.डी.ए.) के अनुसार इसका प्रमुख कारण सबसे बड़े निर्यात बाजारों में प्याज, टमाटर, केला और किशमिश की मांग व आर्पूति की कमी आना है।

इस अवधि के दौरान निर्यातित ताजा फल और सब्जियों का मूल्य 5416 करोड़ रुपए था, जो 2016 की इसी अवधि के दौरान के मूल्य की तुलना में 15 प्रतिशत कम है। ए.पी.ई.डी.ए. के अध्यक्ष डी.के. सिंह ने बताया कि कम उत्पादन के कारण प्याज का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एम.ई.पी.) बढ़कर 840 डॉलर प्रति टन होने के कारण निर्यात कम हुआ।

सब्जियों के कुल निर्यात में प्याज की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत
उन्होंने बताया कि ताजा सब्जियों के कुल निर्यात में प्याज की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है। प्याज का एम.ई.पी. बढऩे से इसका निर्यात कम हुआ है। केन्द्र सरकार ने घरेलू बाजार में प्याज की आपूॢत सुनिश्चित करने और कम दाम पर निर्यात को कम करने के लिए पिछले वर्ष नवम्बर में इसके एम.ई.पी. की अधिकतम दर निश्चित की थी।

सब्जियों का कुल निर्यात घटकर रहा 16 लाख टन 
मात्रा के मामले में सब्जियों का कुल निर्यात अप्रैल-नवंबर 2017 के दौरान घटकर 16 लाख टन रहा, जबकि एक वर्ष पहले की समान अवधि में यह 22.80 लाख टन था। संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई.) को भारत से अप्रैल-नवम्बर के बीच निर्यात की गई सब्जियों में 18.3 प्रतिशत, निर्यात किए गए फलों में 18.3 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। दूसरे स्थान पर बंगलादेश रहा, जिसकी सब्जियों में हिस्सेदारी 12.2 प्रतिशत और मलेशिया 11.8 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

फलों का निर्यात घटकर 3,68,361 टन रहा 
इसी तरह फलों का निर्यात 2016 में 4,47,612 टन से घटकर 2017 में 3,68,361 टन रह गया। भारत जिन देशों को निर्यात करता है, उनमें यू.ए.ई., बंगलादेश, नेपाल और अमरीका शीर्ष देश हैं। यू.ए.ई. भारतीय फलों और सब्जियों का प्रमुख बाजार है। इसके बाद नेपाल, बंगलादेश और मलेशिया आते हैं। सिंह ने कहा कि इस वर्ष नेपाल और बंगलादेश में हमारे फलों और सब्जियों की मांग गिरी है। निर्यात में कमी का यह भी एक प्रमुख कारण है।

दलहन और गेहूं का निर्यात भी घटा
दलहन और गेहूं का निर्यात घटकर क्रमश: 87,760 टन और 1,79,699 टन रहा, जबकि पिछले वर्ष यह क्रमश: 91,652 टन और 2,18,494 टन रहा था। वहीं चावल की गैर-बासमती किस्म का निर्यात समीक्षाधीन अवधि में बढ़कर 55.70 लाख टन हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 41.1 लाख टन था।



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