SC ने Unitech के परेशान मकान खरीदारों को किया आश्वस्त

Saturday, September 9, 2017 9:43 AM
SC ने Unitech के परेशान मकान खरीदारों को किया आश्वस्त

नई दिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने यूनिटेक ग्रुप की परियोजनाओं में फ्लैट बुक कराने वाले परेशान मकान खरीदारों को आश्वस्त किया कि उन्हें या तो निवेश राशि वापस मिलेगी या उन्हें फ्लैट मिलेगा। साथ ही कंपनी के प्रवर्तकों को आगाह करते हुए कहा कि उन्हें तबतक जमानत नहीं मिलेगी जबतक ग्राहकों की शिकायतों का समाधान नहीं हो जाता। शीर्ष अदालत ने यूनीटेक लिमिटेड के प्रवर्तक संजय चन्द्रा और अजय चंद्रा को गुरूग्राम स्थित आवासीय परियोजना के मकान खरीदारों द्वारा कथित धोखाधडी को लेकर दर्ज कराए गए मामले में शुक्रवार तक अंतरिम जमानत देने से कल इंकार कर दिया। इस बीच, साकेत स्थित दिल्ली की अदालत ने तीन प्राथमिकी के संदर्भ में चंद्रा बंधुओं से अगले सात दिन तक पूछताछ की अनुमति पुलिस को दे दी। प्राथमिकी में यह शिकायत की गई है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित परियोजनाओं में मकान खरीदने वालों के साथ धोखाधड़ी की।

15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चन्द्रचूड़ की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि वह इस कंपनी की विभिन्न परियोजनाओं, इनके फ्लैट की संख्या और खरीदारों का विवरण मिलने के बाद ही यूनीटेक के प्रवर्तक को अंतरिम जमानत देने के पहलू पर विचार करेगी। न्यायालय ने इसके साथ ही इस मामले को 15 सितंबर के लिए सूचीबद्ध कर दिया। न्यायालय ने इस मामले में वकील पवन सी अग्रवाल को न्याय मित्र नियुक्त करते हुए उनसे कहा कि वह अपना वापस चाहने वाले और फ्लैट चाहने वालों सहित सारे विवरण पर अपनी रिपोर्ट दाखिल करें। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि धन वापस की मांग करने वालो को पैसा लौटाया जाएगा और फ्लैट चाहने वालों को वह दिया जाएगा।
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कंपनी के खिलाफ कई शिकायतें
संजय चन्द्रा के वकील ने कहा कि उन्होंने सभी शर्तो को पूरा करने के साथ ही अब तक 20 करोड़ रुपए भी जमा कर दिया है। अंतरिम जमानत का अनुरोध करते हुए उन्होंने कहा है कि वह धन तभी लौटा सकेंगे जब उन्हें अपने कार्यालय से काम करने और धन की व्यवस्था करने की अनुमति मिलेगी। पीठ  ने कहा कि वह इन सभी बिन्दुओं पर सुनवाई की अगली तारीख पर विचार करेगी। संजय चन्द्रा और उनके भाई अजय चन्द्रा ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 11 अगस्त के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है। उच्च न्यायालय ने उन्हें अंतरिम जमानत देने से इंकार करते हुए स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का उन्हें निर्देश दिया था। दिल्ली के कुछ निवासियों के नेतृत्व में पांच खरीदारों ने यूनीटेक के अंथिया फ्लोर्स वाइल्डफ्लावर काउन्टी परियोजना के बारे में कंपनी के खिलाफ 2015 में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए शिकायत दायर की थी। बाद में इस कंपनी के खिलाफ 90 और शिकायतें मिलीं जिन्हें प्राथमिकी के साथ ही संलग्न कर दिया गया।  



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