GST पर संभावित साइबर हमलों का मुकाबला करने के लिए सिस्टम को सुरक्षित बनाने की जरूरत

Sunday, June 18, 2017 5:50 PM
GST पर संभावित साइबर हमलों का मुकाबला करने के लिए सिस्टम को सुरक्षित बनाने की जरूरत

नई दिल्लीः अगले महीने से माल एवं सेवा कर के लागू होने के मद्देनजर विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि सरकार एवं कंपनियों को तेजी से जटिल हो रहे साइबर हमलों से निबटने के लिए अपनी कंप्यूटर नेटवर्क प्रणालियों के लिए सुरक्षा के पुख्ता उपाय करना चाहिए। आजादी के बाद देश का सबसे बड़ा कर सुधार बताया जा रहा माल एवं सेवा कर एक जुलाई से लागू होगा।  
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विशेषज्ञों ने राय प्रकट की कि यदि सरकार एवं निजी कंपनियां जी.एस.टी. पर संभावित साइबर हमले से निबटने के लिए अपने को उपयुक्त ढंग से तैयार नहीं किया जो सुरक्षा उल्लंघन की घटनाएं बढ़ सकती हैं। पीडब्ल्यूसी इंडिया पार्टनर और लीडर (साइबर सुरक्षा) शिवरामा कृष्णन ने कहा कि नई कर व्यवस्था से कंपनियों पर कई खतरे हैं। डाटा लीक, मास्टर डाटा में अनधिकृत बदलाव और तीसरे पक्ष की संलिप्तता जैसे खतरे बढ़ सकते हैं। एेसे में कंपनियों को जी.एस.टी. पर ध्यान देते हुए अपनी आईटी संरचना संशोधित करनी होगी।   

टैक्स डॉट कॉम के वरिष्ठ सलाहकार अंश भार्गव ने कहा, ''चूंकि हर महीने कम से कम 80 लाख कर दाता के आंकड़े दर्ज होंगे, एेसे में यह संवेदनशील वित्तीय सूचना को हर संभव तरीके से दुर्भावनापूर्ण हमलों या सुरक्षा उल्लंघनों से बचाया जाए। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि साइबर सुरक्षा इकाई न केवल सुरक्षा खतरों का पता लगाने में बल्कि जरूरत के हिसाब से धोखाधड़ी की जांच और अपराध विज्ञान में भी काबिल हो।'' 



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